सदर बाजार में गूंजे फाग के स्वर: सराफा एसोसिएशन के होली मिलन में उमड़ा व्यापारियों का सैलाब

The sounds of Phaag echoed in Sadar Bazaar: A flood of traders gathered at the Holi Milan of Sarafa Association, Seth Nathuram Holika Utsav Samiti, Raipur, Chhattisgarh, Khabargali

रायपुर (खबरगली ) राजधानी के हृदय स्थल सदर बाजार स्थित नाहटा मार्केट में 'रायपुर सराफा एसोसिएशन' एवं 'सेठ नाथूराम होलिका उत्सव समिति' के संयुक्त तत्वावधान में भव्य होली मिलन, फाग गीत एवं महाप्रसाद (भोजन) का आयोजन किया गया। भक्ति और उल्लास के इस संगम में सदर बाजार के 700 से अधिक व्यापारी शामिल हुए, जिससे पूरा परिसर रंगों और खुशियों से सराबोर नजर आया।

दिग्गज नेताओं और गणमान्य जनों की गरिमामयी उपस्थिति

कार्यक्रम की भव्यता को बढ़ाने रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल और ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू विशेष रूप से उपस्थित रहे। इनके साथ ही दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष लोकेश कावडिया, नवभारत के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट उमा शंकर व्यास, पूर्व उपमहापौर मनोज कंदोई, और पार्षद मुरली शर्मा ने भी शिरकत की।

The sounds of Phaag echoed in Sadar Bazaar: A flood of traders gathered at the Holi Milan of Sarafa Association, Seth Nathuram Holika Utsav Samiti, Raipur, Chhattisgarh, Khabargali

सराफा जगत की एकजुटता का प्रतीक

रायपुर सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष धरम भंसाली, सचिव जितेन्द्र गोलछा, कोषाध्यक्ष अनिल कुचेरिया और चेयरमैन प्रकाश गोलछा के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में पूर्व अध्यक्षों और वरिष्ठ संरक्षकों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इनमें अशोक गोलछा, हरख मालू, संजय कानूगा, अशोक पगारिया, अरुण तंवर, अमर बरलोटा, सतीश टाटिया और उत्तम गोलछा जैसे प्रमुख नाम शामिल रहे।

गीतों की बौछार पर झूमे श्रोता

सांस्कृतिक संध्या में संगीत का जादू बिखेरने श्रीमती किट्टू सिन्हा, श्रीमती पंचमी सेंद्रे, अतीक रहमान और संजय सिंह ने फाग और बॉलीवुड गीतों की ऐसी प्रस्तुति दी कि व्यापारी अपनी जगह पर खड़े होकर झूमने को मजबूर हो गए। गुलाल की बौछार और संगीत की धुन ने पूरे वातावरण को उत्सवमयी बना दिया।

सफल संचालन

कार्यक्रम का कुशल संचालन सचिव जितेन्द्र गोलछा एवं लक्ष्मी नारायण लाहोटी ने किया। अंत में सभी आगंतुकों ने प्रसादी ग्रहण की। सचिव जितेन्द्र गोलछा ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य व्यापारियों के बीच आपसी सौहार्द और भाईचारे को बढ़ावा देना था।