रायपुर (खबरगली) राजधानी की एक नन्ही प्रतिभा ने कला के क्षेत्र में अपनी चमक बिखेरते हुए शहर का नाम रोशन किया है। मात्र 8 वर्ष की दक्षयानी मिश्रा ने प्रतिष्ठित 'नटरंग' मंच पर अपनी कला का लोहा मनवाते हुए भरतनाट्यम श्रेणी में द्वितीय स्थान हासिल किया है। संगीत कला अकादमी द्वारा आयोजित इस 'इंडियन आर्ट एंड कल्चर प्रोग्राम' में भवन्स स्कूल की तीसरी कक्षा की छात्रा दक्षयानी ने सरस्वती वंदना पर ऐसी मनमोहक प्रस्तुति दी कि दर्शक दीर्घा तालियों से गूंज उठी।
कठिन अभ्यास और समर्पण की कहानी
दक्षयानी के लिए यह सफलता रातों-रात नहीं आई। 6 साल की उम्र से नृत्य सीख रही दक्षयानी ने अपनी शुरुआती शिक्षा पुणे में गुरु ऋतुजा बालवडकर से ली। पिछले 8 महीनों से वे गुरु सुनीता सिंह के कड़े मार्गदर्शन में निखर रही हैं। उनकी दिनचर्या का सबसे अहम हिस्सा रोज एक घंटे का कड़ा अभ्यास है, जो उनकी उम्र के बच्चों के लिए प्रेरणादायक है।
सपनों को मिला परिवार का साथ
दक्षयानी के पिता अभिजीत मिश्रा (सहायक महाप्रबंधक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र) और माता स्मृति मिश्रा (शिक्षिका) अपनी बेटी के इस हुनर को निखारने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। कचना निवासी इस परिवार का मानना है कि उनकी बेटी का समर्पण ही उसे भविष्य में एक बड़ी कलाकार बनाएगा। अपनी गुरुओं को ही आदर्श मानने वाली दक्षयानी का लक्ष्य भविष्य में नृत्य की दुनिया में ही अपना करियर बनाना है। पुणे के छोटे मंचों से शुरू हुआ उनका सफर अब 'नटरंग' जैसे बड़े मंच तक पहुँच चुका है, जो उनके सुनहरे भविष्य की बस एक शुरुआत है।
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