पुलिस कमिश्नरेट रायपुर एवं हार्मोनिका क्लब की अनूठी पहल : ‘शुकवारी संझा’ से दूर होगा जवानों का तनाव, संगीत और योग से सजेगी पुलिस लाइन

A unique initiative by Rajiv Srivastava, founder of Police Commissionerate Raipur and Chhattisgarh Harmonica Club and retired IPS officer, 'Shukrawari Sanjha' will relieve the stress of the soldiers, police lines will be decorated with music and yoga, Dr. Sanjeev Shukla, Chhattisgarh, Khabargali

रायपुर (खबरगली ) पुलिसकर्मियों की चुनौतीपूर्ण ड्यूटी, बढ़ते मानसिक तनाव और कार्य के भारी दबाव को देखते हुए रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने एक अनूठी पहल की है। पुलिस कमिश्नरेट और छत्तीसगढ़ हार्मोनिका क्लब के संयुक्त तत्वावधान में आज शाम पुलिस लाइन रायपुर में विशेष कार्यक्रम “शुकवारी संझा – तन-मन रंजन” का आयोजन किया जा रहा है। देश में अपनी तरह की इस पहली और ऐतिहासिक पहल का मुख्य उद्देश्य संगीत, योग और सकारात्मक ऊर्जा के माध्यम से जवानों को मानसिक शांति प्रदान करना है।

सामुदायिक पुलिसिंग में डॉ. संजीव शुक्ला का नया प्रयोग

हाल ही में गठित रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के पहले पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला लगातार सामुदायिक पुलिसिंग और जनसहभागिता को लेकर नवाचार कर रहे हैं। इसी कड़ी में उन्होंने पुलिसकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए छत्तीसगढ़ हार्मोनिका क्लब को आमंत्रित किया है। प्रशासन का मानना है कि यदि पुलिसकर्मी मानसिक रूप से संतुलित और तनावमुक्त रहेंगे, तो उनकी कार्यक्षमता और मनोबल दोनों में गुणात्मक वृद्धि होगी।

योग-संगीत-सूत्र: मनोरंजन के साथ मानसिक उपचार

पिछले 12 वर्षों से सक्रिय छत्तीसगढ़ हार्मोनिका क्लब द्वारा यह कार्यक्रम “योग-संगीत-सूत्र” की विशेष अवधारणा पर तैयार किया गया है। इसमें हार्मोनिका वादन, मधुर संगीत और प्रेरक गीतों के साथ योग का समन्वय होगा। क्लब के संस्थापक एवं सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी राजीव श्रीवास्तव ने बताया कि यह कार्यक्रम मात्र मनोरंजन नहीं है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता और सकारात्मक जीवनशैली को बढ़ावा देने का एक सामाजिक अभियान है।

शहर में चर्चा का विषय बनी पहल

पुलिस लाइन परिसर में लगे पोस्टर और बैनर इस आयोजन की भव्यता की गवाही दे रहे हैं। सामाजिक और सांस्कृतिक जगत के विशेषज्ञों ने रायपुर पुलिस की इस पहल को सामुदायिक पुलिसिंग का एक अनुकरणीय और प्रेरणादायी उदाहरण बताया है। जानकारों का कहना है कि ड्यूटी के कठोर माहौल के बीच ऐसे आयोजन जवानों के भीतर नई ऊर्जा का संचार करेंगे।

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