वेदिका, आराध्या और सार्थक बने 'चैंपियन'
रायपुर (खबरगली ) राजधानी के कमल विहार स्थित माहेश्वरी भवन में ‘ब्रेनिश अबेकस मेगाफेस्ट 2026’ का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। प्रतियोगिता के इस सातवें संस्करण में प्रदेशभर के 1200 से अधिक बच्चों ने हिस्सा लिया और अपनी अद्भुत बौद्धिक क्षमता से सबको हैरान कर दिया। पलक झपकते ही गणित के कठिन सवालों को हल कर बच्चों ने साबित कर दिया कि सही मार्गदर्शन से वे 'ह्यूमन कैलकुलेटर' बन सकते हैं।
शैलेन्द्र नगर सेंटर का दबदबा
प्रतियोगिता में शैलेंद्र नगर स्थित ब्रेनिश अबेकस सेंटर के बच्चों का प्रदर्शन सबसे उत्कृष्ट रहा। सेंटर के तीन चमकते सितारों— वेदिका सुंदरानी, आराध्या चौहान और सार्थक गुप्ता ने अपने-अपने आयु वर्ग और श्रेणियों में शीर्ष स्थान हासिल कर 'चैंपियन ट्रॉफी' पर कब्जा जमाया।इनके अलावा अन्य कई श्रेणियों में भी सेंटर के बच्चों ने पुरस्कार जीतकर छत्तीसगढ़ को गौरवांवित किया।
विजेताओं की सूची: विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार जीतने वाले प्रमुख छात्र इस प्रकार हैं:
चैंपियंस: वेदिका सुंदरानी (स्टेप-जीरो जूनियर),
आराध्या चौहान (स्टेप-जीरो सीनियर)
सार्थक गुप्ता (केजी-वन सीनियर)।
विजेता एवं रनर-अप: तुषिता खोब्रागढ़े, शिवन्या पाटिल, युक्ता साहू, अशविका शर्मा, इशिता साहू, देशना वर्मा, लान्या मोटवानी, दीप्ती गुप्ता, राशि माखिजानी, अरहत ढेबरे और आद्या रामवानी।
विशेष उपलब्धि: प्रज्जवल साहू को केजी-वन (जूनियर) में मेरिट कप मिला। अन्य सफल प्रतिभागी: मो. अली हमज़ा, रिषभ चौहान, गौरिक सचदेव, रूमाना फ़ातिमा रिज़वी, दर्शिका मजूमदार, शिफ़ा मेमन, अनय वर्मा, आद्याशा स्वैन, प्रखर प्रकाश मनहर, याशिका ओझा, जैनिल खिलोसिया, अनाया सिंग, आयती देवांगन, नील सुहाने, अर्नव सहारे, पराक्रम प्रकाश मनहर, रितिका टोप्पो, मो. मीरान शेख, संशय ढेबरे, अद्वैत सिंह, आयुषी तिवारी, विवेवानंद माथुर, सिद्धार्थ मेमन, केसर व्यवहार, हितार्थ साहू, कस्तूरी व्यवहार, रियांशी श्रीवास्तव, आद्या सिंह, सोहम मेहता और शांबभवी परिहार ने भी विभिन्न स्तरों पर जीत हासिल कर प्रदेश का मान बढ़ाया।
बने नए कीर्तिमान
कार्यक्रम के दौरान कई बच्चों को उनकी कड़ी मेहनत के लिए 'ग्रेजुएशन उपाधि' से भी नवाजा गया। गौरतलब है कि पिछले वर्ष भी इस प्रतियोगिता के दौरान ब्रेनिश अबेकस के विद्यार्थियों द्वारा गणितीय गणनाओं के नए रिकॉर्ड ‘इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड’ में दर्ज किए गए थे। इस वर्ष के प्रदर्शन ने एक बार फिर रायपुर को अबेकस शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान दी है।
एकाग्रता और अभ्यास का परिणाम
ब्रेनिश अबेकस के मास्टर ट्रेनर श्रीमती दीपा शुक्ल और ट्रेनर श्रीमती सपना राठौर के मार्गदर्शन में इन बच्चों ने लंबे समय तक कड़ा अभ्यास किया था। दीपा शुक्ल ने बताया कि अबेकस सीखने की यह यात्रा लगभग तीन साल की होती है, जिसे केवल वही बच्चे पूरा कर पाते हैं जिनमें धैर्य और एकाग्रता कूट-कूट कर भरी हो। उन्होंने जोर देकर कहा कि अबेकस न केवल गणित, बल्कि बच्चे के समग्र शैक्षणिक विकास और रोजमर्रा के जीवन के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।
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