रायपुर (खबरगली) नशे के कारोबार पर नकेल कसते हुए रायपुर की एनडीपीएस (NDPS) विशेष अदालत ने एक अहम और कड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने अंतरराज्यीय स्तर पर हेरोइन की तस्करी करने वाले दो आरोपियों—मनप्रीत सिंह और मनप्रीत सिंह उर्फ मन्नू—को दोषी पाते हुए छह-छह साल के सश्रम कारावास और 60-60 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। यह फैसला एनडीपीएस विशेष न्यायाधीश पंकज कुमार सिन्हा ने सुनाया।
पंजाब से रायपुर तक फैला था नशे का नेटवर्क
दोषी करार दिए गए दोनों आरोपी पंजाब के मोगा और फिरोजपुर जिले के निवासी हैं। पुलिस जांच में सामने आया था कि ये आरोपी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय नशे के नेटवर्क से जुड़े हुए थे और पाकिस्तान से लाई गई हेरोइन को भारत के विभिन्न राज्यों में खपाने का काम कर रहे थे। रायपुर को भी उन्होंने अपने नेटवर्क का हिस्सा बना रखा था।
2023 में गोलबाजार पुलिस ने किया था खुलासा
यह मामला वर्ष 2023 का है, जब रायपुर के गोलबाजार थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को भारी मात्रा में हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया था। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध युवक नशीले पदार्थ की बड़ी खेप के साथ रायपुर पहुंचे हैं। सूचना के आधार पर घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को पकड़ा गया, जिनके पास से पाकिस्तान निर्मित हेरोइन बरामद की गई थी।
एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज हुआ था मामला
गिरफ्तारी के बाद गोलबाजार थाना में दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस ने इस मामले में विस्तृत जांच की, जिसमें आरोपियों के मोबाइल रिकॉर्ड, संपर्क सूत्र और लेन-देन से जुड़े साक्ष्य जुटाए गए। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी लंबे समय से नशे के कारोबार में सक्रिय थे।
कोर्ट में मजबूत साक्ष्यों के आधार पर सजा
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कोर्ट के समक्ष ठोस सबूत पेश किए। गवाहों के बयान, जब्त मादक पदार्थ की फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोषी माना। विशेष न्यायाधीश पंकज कुमार सिन्हा ने अपने फैसले में कहा कि नशे का कारोबार समाज, खासकर युवाओं के भविष्य के लिए बेहद घातक है और ऐसे अपराधों में लिप्त लोगों के प्रति सख्ती जरूरी है।
कानून व्यवस्था के लिए अहम संदेश
इस फैसले को नशे के कारोबारियों के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यह सजा न सिर्फ दोषियों को दंडित करेगी, बल्कि नशे के अवैध धंधे में शामिल अन्य लोगों के लिए भी चेतावनी साबित होगी।रायपुर पुलिस ने कोर्ट के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि नशे के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से रोका जा सके।
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