जलप्रलय से नेपाल में भारी तबाही, 160 की मौत और 844 से ज्यादा लापता

Massive devastation in Nepal due to floods; 160 dead and over 844 missing, Khabargali

नेपाल (खबरगली ) नेपाल में आई भीषण फ्लैश फ्लड ने देश के कई हिस्सों में भारी तबाही मचा दी है। चीन के तिब्बत क्षेत्र से आने वाली भोटेकोशी नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने के बाद रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग समेत कई इलाकों में बाढ़ का पानी कहर बनकर टूटा। तेज बहाव में घर, दुकानें, वाहन और अन्य संपत्तियां बह गईं। इस आपदा में अब तक 160 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 844 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं।

11 हाइड्रो पावर प्लांट और 19 पुल प्रभावित

बाढ़ ने नेपाल के बुनियादी ढांचे को भी बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, 11 हाइड्रो पावर प्लांट, 19 पुल और करीब 40 किलोमीटर सड़कें बाढ़ की चपेट में आकर तबाह या क्षतिग्रस्त हुई हैं। इसके अलावा 10 से ज्यादा बैंक भी प्रभावित हुए हैं। कई इलाकों में संपर्क मार्ग टूटने से राहत और बचाव अभियान प्रभावित हो रहा है।

रसुवा में सबसे ज्यादा तबाही

रसुवा जिले के टिमुरे और स्याप्रुबेसी इलाके बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित बताए जा रहे हैं। तिब्बत सीमा के करीब स्थित इन इलाकों में अचानक आई बाढ़ ने कई घरों और कारोबारी प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचाया। नदी का तेज बहाव इतना ज्यादा था कि कई वाहन और सामान पानी के साथ बह गए।

844 से ज्यादा लोग अब भी लापता

इस प्राकृतिक आपदा के बाद बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं। 844 से ज्यादा लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां प्रभावित इलाकों में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र, टूटी सड़कें और क्षतिग्रस्त पुल रेस्क्यू टीमों के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं। रसुवा में नेपाल पुलिस के 26 जवान और आर्म्ड पुलिस फोर्स के 7 जवानों के भी लापता होने की जानकारी सामने आई है। नेपाल सेना ने राहत एवं बचाव कार्य के लिए हेलिकॉप्टर और आपदा राहत दल तैनात किए हैं।

भोटेकोशी नदी में अचानक बढ़ा पानी

नेपाल पुलिस के अनुसार, तिब्बत की ओर से बहने वाली भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक खतरनाक स्तर तक बढ़ गया, जिसके बाद फ्लैश फ्लड की स्थिति पैदा हुई। नदी किनारे बसे इलाकों में पानी और मलबे का तेज बहाव पहुंचने से भारी नुकसान हुआ। प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी दी है। नुवाकोट, धाडिंग, चितवन और गोरखा समेत त्रिशूली नदी बेसिन के आसपास के इलाकों में भी सतर्कता बढ़ाई गई है।

नेपाल में राहत-बचाव अभियान जारी

भीषण बाढ़ के बाद नेपाल सरकार ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। प्रभावित इलाकों में सुरक्षाबलों की टीमें लापता लोगों की तलाश कर रही हैं। हेलिकॉप्टरों के जरिए भी दुर्गम क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने और जरूरतमंद लोगों को सुरक्षित निकालने की कोशिश की जा रही है।

बिहार में भी बढ़ी चिंता

नेपाल में बाढ़ के बाद बिहार के कई जिलों में भी अलर्ट जारी किया गया है। पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी और शिवहर में प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। गंडक नदी में फ्लैश फ्लड की आशंका को देखते हुए निचले इलाकों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

भारत ने नेपाल के लिए भेजी राहत सामग्री

नेपाल की मदद के लिए भारत ने भी राहत अभियान शुरू किया है। भारतीय वायुसेना का C-130J विमान जरूरी राहत सामग्री और दवाइयां लेकर नेपाल रवाना हुआ है। आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त राहत सामग्री भेजने की तैयारी भी की जा रही है। प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए हेलिकॉप्टरों को भी तैयार रखा गया है।