महादेव सट्टा ऐप पर शिकंजा, को-फाउंडर रवि उप्पल दुबई में गिरफ्तार, भारत लाने की तैयारी तेज

Crackdown on Mahadev betting app  Co-founder Ravi Uppal arrested in Dubaipreparations to bring him to India intensify hindi news khabargali

दुर्ग (खबरगली) महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में केंद्रीय जांच एजेंसियों को एक और बड़ी सफलता मिली है। इस बहुचर्चित सट्टेबाजी नेटवर्क के संस्थापकों में शामिल रवि उप्पल को दुबई में गिरफ्तार किए जाने की खबर है। सौरभ चंद्राकर के ओमान से प्रत्यर्पण के महज तीन दिन बाद हुई इस कार्रवाई को महादेव सट्टा ऐप नेटवर्क के खिलाफ जांच में एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।

 

जानकारी के मुताबिक, दुबई पुलिस ने इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर 46 वर्षीय रवि उप्पल को हिरासत में लिया है। भारतीय जांच एजेंसियां उसे जल्द भारत लाने की तैयारी में जुट गई हैं। इसके लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) प्रत्यर्पण से जुड़ी औपचारिकताओं को आगे बढ़ा रहे हैं। हालांकि, गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि और भारत को सौंपे जाने की प्रक्रिया अभी बाकी है।

 

आधिकारिक पुष्टि का इंतजार, एजेंसियां सक्रिय

 

प्रवर्तन निदेशालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अधिकारियों की ओर से अभी तक भारत सरकार को गिरफ्तारी की औपचारिक सूचना नहीं मिली है। फिलहाल एजेंसियों को यह जानकारी अनौपचारिक माध्यमों से प्राप्त हुई है।

 

इसके बावजूद भारतीय जांच एजेंसियां मामले में सक्रिय हो गई हैं। रवि उप्पल को भारत लाने के लिए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया और प्रत्यर्पण संबंधी दस्तावेजों को तैयार किया जा रहा है। एजेंसियों की कोशिश है कि महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप से जुड़े आर्थिक लेनदेन, हवाला नेटवर्क और कथित भ्रष्टाचार के मामलों में उससे पूछताछ की जा सके।

 

 कौन है रवि उप्पल?

 

रवि उप्पल छत्तीसगढ़ के भिलाई का रहने वाला है। उसे महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप के प्रमुख संस्थापकों में गिना जाता है। इस पूरे नेटवर्क में उसका नाम सौरभ चंद्राकर के साथ प्रमुखता से सामने आया था।

 

ईडी की जांच के अनुसार, रवि उप्पल कथित तौर पर महादेव ऐप से जुड़े वित्तीय लेनदेन और सैकड़ों करोड़ रुपये के हवाला नेटवर्क को संभालता था। जांच एजेंसी का आरोप है कि छत्तीसगढ़ में नेताओं और अधिकारियों तक नेटवर्क की पहुंच बनाने में भी उसकी अहम भूमिका थी।

 

जांच में यह भी सामने आया है कि रवि उप्पल और सौरभ चंद्राकर दोनों ने वानुअतु की नागरिकता हासिल की थी। विदेश में रहकर ऑनलाइन सट्टेबाजी के कारोबार को संचालित करने और उससे होने वाली कमाई को अलग-अलग माध्यमों से खपाने के आरोप भी इस मामले का हिस्सा हैं।

 

 पहले भी दुबई में हिरासत, 45 दिन बाद मिला था छोड़

 

रवि उप्पल के खिलाफ अक्टूबर 2023 में इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी हुआ था। इसके बाद दिसंबर 2023 में भी उसे दुबई में हिरासत में लिया गया था। हालांकि, उस समय करीब 45 दिन बाद उसे छोड़ दिया गया था और भारत लाने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी थी।

 

इस बार प्रवर्तन निदेशालय ने जनवरी 2026 में इंटरपोल के समक्ष उसकी अपील का विरोध किया था। एजेंसी के प्रयासों के बाद उसका रेड कॉर्नर नोटिस बरकरार रहा। माना जा रहा है कि इसी नोटिस के आधार पर अब दुबई में दोबारा कार्रवाई हुई है।

 

 88 से 94 हजार करोड़ तक का कारोबार होने का अनुमान

 

महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप का मामला केवल ऑनलाइन सट्टेबाजी तक सीमित नहीं है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस नेटवर्क का कथित कारोबार करीब 88 हजार करोड़ से 94 हजार करोड़ रुपये तक आंका गया है। इस नेटवर्क के जरिए देशभर में ऑनलाइन सट्टेबाजी का संचालन किए जाने और बड़े पैमाने पर अवैध धन के लेनदेन के आरोप हैं।

 

ईडी इस मामले में अब तक 116 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और छह चार्जशीट दाखिल किए जाने की जानकारी दे चुकी है। जांच में हवाला लेनदेन, मनी लॉन्ड्रिंग और कथित राजनीतिक-अफसरशाही कनेक्शन जैसे पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

 

 सौरभ चंद्राकर के बाद रवि उप्पल पर कार्रवाई से बढ़ी उम्मीद

 

महादेव सट्टा ऐप मामले में सौरभ चंद्राकर के ओमान से प्रत्यर्पण के बाद अब रवि उप्पल की गिरफ्तारी की खबर ने जांच को नई दिशा दी है। दोनों को इस नेटवर्क के प्रमुख संचालकों में माना

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