रायपुर (खबरगली) राज्योत्सव में इस बार एक चलता-फिरता रोबोट भी आकर्षण का केंद्र रहा। आमतौर पर तकनीक से जुड़े प्रदर्शन में मशीनें एक जगह रखी दिखाई देती हैं, लेकिन यह रोबोट लोगों के बीच पहुंचकर उनसे संवाद और गतिविधियां कर सकता है। इसे प्रदर्शित करने के पीछे टीम का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के युवाओं को रोबोटिक्स की संभावनाओं से परिचित कराना और उन्हें इस क्षेत्र में कुछ नया करने के लिए प्रेरित करना है। टीम के सदस्य ओम सिन्हा ने बताया कि छत्तीसगढ़ में तकनीक से जुड़े कई काम हो रहे हैं, लेकिन लोगों के बीच जाकर उनसे जुड़ने वाला चलता-फिरता रोबोट कम दिखाई देता है। इसी सोच के साथ इसे प्रदर्शन के लिए चुना गया। इसकी तैयारी अचानक हुई। 27 अक्टूबर को तैयारी शुरू की गई और इसके बाद टीम ने ट्रेनिंग ली। 31 अक्टूबर की रात तक इसकी अंतिम ट्रेनिंग पूरी की गई और अगले दिन यानी 1 नवंबर को प्रदर्शन के लिए तैयार किया गया। टीम में ओम सिन्हा के साथ देव सिन्हा और अन्य सहयोगी शामिल हैं।
बिना इंटरनेट के चलता है
रोबोट में अलग-अलग गतिविधियों के लिए जेस्चर और मूवमेंट की ट्रेनिंग दी जा रही है। मशीन लर्निंग के जरिए इसे गतिविधियों के अनुसार काम करने के लिए तैयार किया जा सकता है। टीम के मुताबिक, इंटरनेट की सुविधा और सुरक्षा संबंधी सीमाओं के कारण फिलहाल इसमें ऑफलाइन काम करने की क्षमता पर जोर दिया गया है। इसका संचालन सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर के तालमेल से होता है।
विदेश से आयात किया गया है रोबोट
ओम सिन्हा ने बताया कि भविष्य में इस तरह के रोबोट होटल और रेस्टोरेंट के अलावा घरों में भी उपयोगी हो सकते हैं। उदाहरण के तौर पर, घर में रसोई से खाने की प्लेट किसी दूसरे कमरे तक पहुंचाने जैसे काम रोबोट से कराए जा सकते हैं। हालांकि, इस रोबोट को टीम ने खुद तैयार नहीं किया है, यह विदेश से आयात किया गया है।
- Log in to post comments
