रायपुर (खबरगली) छत्तीसगढ़ की राजधानी में लंबे समय से चली आ रही ट्रैफिक जाम की समस्या के समाधान की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने रिंग रोड नंबर 1, यानी NH-53 के किनारे स्थित सर्विस रोड के चौड़ीकरण को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। यह परियोजना रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल के सतत प्रयासों और वकालत का परिणाम मानी जा रही है। NHAI द्वारा इस कार्य के लिए ₹99.72 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है।
रायपुर की रिंग रोड नंबर 1 शहर की प्रमुख यातायात धमनियों में से एक है। वर्षों पहले इसे शहर के बाईपास के रूप में विकसित किया गया था, लेकिन तेज़ी से हुए शहरी विस्तार के कारण अब यह मार्ग घनी आबादी, आवासीय कॉलोनियों और वाणिज्यिक गतिविधियों से घिर चुका है। बढ़ते वाहनों के दबाव के चलते मौजूदा सर्विस रोड की सीमित चौड़ाई यातायात के लिए बाधा बन रही थी। वर्तमान में लगभग 5 से 5.5 मीटर चौड़ी सर्विस रोड पर स्थानीय यातायात और भारी राजमार्ग वाहनों का मिश्रण अक्सर भीषण जाम और दुर्घटना की आशंका को जन्म देता है।
इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्र सरकार और संबंधित विभागों के समक्ष इस मुद्दे को लगातार उठाया। पिछले दो वर्षों में उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) को कई उच्च-स्तरीय आवेदन प्रस्तुत किए। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को लिखे पत्रों में अग्रवाल ने स्पष्ट रूप से कहा था कि शहर की भीड़भाड़ कम करने और सुचारु यातायात व्यवस्था के लिए सर्विस रोड का चौड़ीकरण “अत्यधिक आवश्यक” है। सांसद अग्रवाल ने तर्क दिया कि NH-53 देश के महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक्स और माल परिवहन कॉरिडोर में शामिल है, इसलिए इस मार्ग पर भारी वाहनों की निर्बाध आवाजाही जरूरी है। स्थानीय यातायात को सुरक्षित और प्रभावी ढंग से अलग करने के लिए सर्विस रोड की चौड़ाई बढ़ाना एक व्यावहारिक समाधान होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि इससे न केवल जाम की समस्या कम होगी, बल्कि सड़क सुरक्षा में भी उल्लेखनीय सुधार होगा। परियोजना को 9 फरवरी 2026 को आयोजित NHAI की 702वीं कार्यकारी समिति की बैठक में औपचारिक स्वीकृति प्रदान की गई। स्वीकृत योजना के अनुसार, रायपुर-आरंग खंड के लगभग 14.25 किलोमीटर हिस्से में सर्विस रोड का चौड़ीकरण किया जाएगा। इस खंड में मौजूदा लगभग 5.5 मीटर चौड़ाई को बढ़ाकर 10 मीटर किया जाएगा, जिससे स्थानीय यातायात के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध हो सके। परियोजना का निष्पादन EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन) मॉडल पर प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा और निर्माण अवधि एक वर्ष निर्धारित की गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि इससे न केवल जाम की समस्या कम होगी, बल्कि सड़क सुरक्षा में भी उल्लेखनीय सुधार होगा। परियोजना को 9 फरवरी 2026 को आयोजित NHAI की 702वीं कार्यकारी समिति की बैठक में औपचारिक स्वीकृति प्रदान की गई। स्वीकृत योजना के अनुसार, रायपुर-आरंग खंड के लगभग 14.25 किलोमीटर हिस्से में सर्विस रोड का चौड़ीकरण किया जाएगा।
इस खंड में मौजूदा लगभग 5.5 मीटर चौड़ाई को बढ़ाकर 10 मीटर किया जाएगा, जिससे स्थानीय यातायात के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध हो सके। परियोजना का निष्पादन EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन) मॉडल पर प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा और निर्माण अवधि एक वर्ष निर्धारित की गई है।
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