जांजगीर-चाम्पा(खबरगली) छत्तीसगढ़ की भाषा, संस्कृति और साहित्य के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। जांजगीर-चाम्पा जिले के निवासी रविन्द्र कुमार सोनी ने वह कर दिखाया है, जिसकी वर्षों से कल्पना की जा रही थी।
उन्होंने सनातन धर्म के पवित्र ग्रंथ श्रीमद्भागवत गीता का पहली बार छत्तीसगढ़ी भाषा में भावानुवाद कर उसका प्रकाशन कराया है। यह उपलब्धि न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए विशेष महत्व रखती है, क्योंकि पहली बार गीता का छत्तीसगढ़ी संस्करण प्रकाशित हुआ है।