रायपुर (खबरगली) आगामी केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर रायपुर सराफा एसोसिएशन ने व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार के समक्ष अपनी महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं। एसोसिएशन के अध्यक्ष धरम भंसाली एवं सचिव जितेन्द्र गोलछा ने सोने-चांदी की कीमतों में अत्यधिक उतार-चढ़ाव पर चिंता जताते हुए व्यापार को सरल बनाने के लिए कई सुझाव दिए हैं।
एसोसिएशन की प्रमुख मांगें
कस्टम ड्यूटी और GST में कटौती
सराफा पदाधिकारियों ने मांग की है कि सोने-चांदी पर वर्तमान कस्टम ड्यूटी को 6% से घटाया जाए। इसके साथ ही, आम नागरिकों के लिए खरीदारी को सुलभ बनाने हेतु 3% GST को कम कर 2% करने का आग्रह किया गया है।
वायदा बाजार से राहत
सोने-चांदी को वायदा बाजार की अस्थिरता से बाहर करने की मांग की गई है, ताकि बाजार में कीमतों का स्थिरीकरण हो सके और खरीदारी व्यवस्थित रहे।
कानूनी सरलीकरण (धारा 411/317)
व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए पूर्व की धारा 411/317 में संशोधन कर उसे सरल बनाने की मांग की गई है। एसोसिएशन का तर्क है कि हॉलमार्किंग अनिवार्य होने से अब शुद्धता में पूर्ण पारदर्शिता आ चुकी है।
हॉलमार्क केंद्रों का विस्तार और सब्सिडी
वर्तमान में हॉलमार्क सेंटरों की कमी को देखते हुए, सरकार से इन केंद्रों की स्थापना के लिए सब्सिडी का प्रावधान करने की मांग की गई है ताकि उनकी संख्या में वृद्धि हो सके।
डिजिटल लेनदेन में राहत
बैंक ऑनलाइन ट्रांजैक्शन और स्वाइप मशीन (POS) के चार्जेस में भी कटौती की मांग की गई है, जिससे डिजिटल व्यापार को और बढ़ावा मिल सके। रायपुर सराफा एसोसिएशन को उम्मीद है कि 2026-27 के इस बजट में केंद्र सरकार इन मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी, जिससे सराफा उद्योग को नई गति मिलेगी।
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