'एकम डायलॉग्स' में जुटे चार राज्यों के चेंजमेकर्स, वेटलैंड संरक्षण के लिए प्रभात मिश्र सम्मानित

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रांची में 'एकम संवाद' संपन्न: सामुदायिक नेतृत्व से सवरेंगे जल-जंगल, छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष प्रभात मिश्र को मिला 'एकम सम्मान'

रांची/रायपुर (खबरगली ) सेंटर फॉर एनवायरनमेंट एंड एनर्जी डेवलपमेंट (सीड) द्वारा रांची में आयोजित दो दिवसीय 'एकम डायलॉग्स: संवाद से निर्माण' कार्यक्रम का समापन गौरवशाली उपलब्धियों के साथ हुआ। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष प्रभात मिश्र को उनके द्वारा पर्यावरण और जल संरक्षण के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए 'एकम सम्मान' से सम्मानित किया गया।

क्यों मिला सम्मान?

प्रभात मिश्र पिछले लंबे समय से रायपुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में वेटलैंड (आद्र भूमि) को बचाने, भूजल स्तर सुधारने और तालाबों के संरक्षण के लिए जमीनी स्तर पर सक्रिय हैं। उनके कार्यों की विशेषता यह है कि वे सनातनी मूल्यों को केंद्र में रखकर समाज के सहयोग से नागरिक कर्तव्यों के प्रति लोगों को जागरूक कर रहे हैं।

कानूनी लड़ाई से लेकर जमीनी समाधान तक

सम्मान समारोह में प्रभात मिश्र के योगदानों को रेखांकित करते हुए बताया गया कि वे केवल जागरूकता तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जनहित याचिकाओं (PIL) के माध्यम से वेटलैंड्स को बचाने की कानूनी लड़ाई भी लड़ रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने 'ग्राम विकास शोध समाधान केन्द्र' और 'ग्रामीण पुस्तकालय' की स्थापना कर ग्रामीण विकास का एक प्रभावी वैकल्पिक मॉडल पेश किया है।

क्षेत्रीय विकास पर हुआ मंथन

इस दो दिवसीय संवाद कार्यक्रम में झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार और ओडिशा के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, विशेषज्ञों, सामाजिक उद्यमियों और ग्रासरुट चेंजमेकर्स ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय विकास और 'रेसिलिएंस' को मजबूत करने के लिए साझा समाधान तलाशना था। कार्यक्रम के अंत में चारों राज्यों के चुनिंदा चेंजमेकर्स को उनके प्रेरणादायी कार्यों के लिए सम्मानित किया गया, जिनमें प्रभात मिश्र का नाम प्रमुख रहा।

सामुदायिक नेतृत्व पर जोर

कार्यक्रम में 'जलपुरुष' के नाम से विख्यात तरुण भारत संघ के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने कहा कि पारंपरिक जल स्रोतों, वनों और प्राकृतिक संसाधनों के बचाव के लिए सामुदायिक नेतृत्व और नागरिक भागीदारी अनिवार्य है। वहीं, सीड के सीईओ रमापति कुमार ने इसे क्षेत्रीय विकास की एक दूरदर्शी पहल बताया।

अनुसंधान और नवाचार की जरूरत

एमिटी यूनिवर्सिटी छत्तीसगढ़ के कुलपति प्रो. (डॉ.) पीयूषकांत पांडे ने जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए अत्याधुनिक अनुसंधान और नवाचार के कार्यान्वयन पर बल दिया। इस दो दिवसीय संवाद में सरकारी अधिकारियों, सामाजिक उद्यमियों और विशेषज्ञों सहित कई राज्यों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

कार्यक्रम के समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय राज्य मंत्री संजय सेठ उपस्थित रहे। आयोजन का मुख्य उद्देश्य साझा संवाद के जरिए क्षेत्रीय विकास और 'रेसिलिएन्स' (लचीलापन) को मजबूत करने के लिए समाधानपरक दृष्टिकोण तैयार करना था।