ओमान से भारत लाए जाने के बाद सौरभ चंद्राकर पर जांच एजेंसियों का शिकंजा,पुष्पा स्टाइल वीडियो वायरल

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रायपुर की विशेष CBI अदालत में पेशी पर टिकी नजरें; CM विष्णुदेव साय बोले- पूछताछ में सामने आएंगे कई बड़े नाम

रायपुर/नई दिल्ली (खबरगली)। महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले के प्रमुख आरोपी सौरभ चंद्राकर की भारत वापसी के साथ ही इस बहुचर्चित मामले में हलचल तेज हो गई है। ओमान से भारत लाए गए सौरभ का कथित 'पुष्पा स्टाइल' वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। गिरफ्तारी के दौरान उसका बेफिक्र अंदाज लोगों का ध्यान खींच रहा है। लेकिन इस वीडियो से कहीं ज्यादा चर्चा अब उन सवालों की है, जिनके जवाब जांच एजेंसियां सौरभ से पूछताछ में तलाश रही हैं। सबसे बड़ा सवाल है कि महादेव सट्टा ऐप से जुड़े कथित करोड़ों के कारोबार में किस-किस की भूमिका थी और नेटवर्क को संरक्षण देने के आरोपों के पीछे कौन लोग थे?

ओमान से भारत वापसी, अब CBI की पूछताछ पर नजर

सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत लाया गया है। उसकी गिरफ्तारी और भारत वापसी को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, भारत लाए जाने के बाद उसे रायपुर की विशेष CBI अदालत में पेश किए जाने की प्रक्रिया शुरू हुई। जांच एजेंसी की ओर से ट्रांजिट रिमांड की कार्रवाई की गई, ताकि आरोपी को आगे की पूछताछ के लिए संबंधित जांच प्रक्रिया के तहत ले जाया जा सके। इस मामले में न्यायालय के अंतिम आदेश और रिमांड की सटीक अवधि की पुष्टि आधिकारिक आदेश से की जानी चाहिए।

कथित फर्जी पासपोर्ट भी जांच का अहम पहलू

सौरभ चंद्राकर की विदेश में मौजूदगी और यात्रा से जुड़े दस्तावेज भी जांच के दायरे में हैं। मीडिया रिपोर्टों में उसके द्वारा कथित फर्जी इंडोनेशियाई पासपोर्ट के इस्तेमाल की बात सामने आई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि विदेश में रहते हुए उसने किन दस्तावेजों और माध्यमों का इस्तेमाल किया तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस नेटवर्क का संचालन कैसे किया जाता था।

भिलाई से दुबई तक कैसे फैला महादेव सट्टा नेटवर्क?

छत्तीसगढ़ के भिलाई से ताल्लुक रखने वाले सौरभ चंद्राकर का नाम महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप के प्रमुख आरोपियों में शामिल है। जांच एजेंसियों के अनुसार, ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़ा यह कथित कारोबार धीरे-धीरे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क में तब्दील हो गया। इसके संचालन में दुबई सहित विदेशों में मौजूद लोगों और ठिकानों की भूमिका की जांच की गई है।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) पहले ही आरोप लगा चुका है कि सट्टेबाजी से अर्जित रकम को हवाला सहित विभिन्न माध्यमों से इधर-उधर किया गया। यूएई में सौरभ चंद्राकर की कथित भव्य शादी, करोड़ों रुपये के आयोजन, निजी जेट और इवेंट मैनेजमेंट पर हुए भारी खर्च भी जांच एजेंसियों की पड़ताल का हिस्सा रहे हैं। इस मामले में देश के अलग-अलग हिस्सों में कई FIR दर्ज हैं और विभिन्न जांच एजेंसियां वित्तीय लेनदेन, मनी लॉन्ड्रिंग तथा ऑनलाइन सट्टेबाजी के नेटवर्क की जांच कर रही हैं।

'पुष्पा स्टाइल' वीडियो ने खींचा सबका ध्यान

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भारत वापसी के दौरान सौरभ चंद्राकर का कथित पुष्पा स्टाइल वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ है। वीडियो में उसका अंदाज चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो से ज्यादा महत्वपूर्ण अब जांच एजेंसियों की कार्रवाई है। सौरभ की पूछताछ से कथित सट्टा कारोबार के वित्तीय लेनदेन, विदेशों में मौजूद संपर्कों और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका पर जानकारी मिलने की उम्मीद है।

CM विष्णुदेव साय का बड़ा बयान: किसे मिलती थी प्रोटेक्शन मनी?

सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे केंद्रीय जांच एजेंसियों की बड़ी सफलता बताया है। दिल्ली रवाना होने से पहले मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने CBI सहित सभी केंद्रीय एजेंसियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सौरभ चंद्राकर को पकड़ने के लिए CBI लगातार प्रयास कर रही थी। अब उसकी भारत वापसी के बाद पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।

मुख्यमंत्री साय ने विशेष रूप से कथित 'प्रोटेक्शन मनी' का जिक्र करते हुए कहा कि सौरभ से पूछताछ के बाद पता चलेगा कि कौन-कौन लोग यह पैसा ले रहे थे। उनके इस बयान के बाद महादेव सट्टा मामले में कथित संरक्षण और आर्थिक लेनदेन की भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, जिन लोगों के नाम सामने आने की बात कही जा रही है, उनकी भूमिका जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।

पूछताछ में खुल सकते हैं महादेव सट्टा नेटवर्क के कई राज

सौरभ चंद्राकर की भारत वापसी के बाद जांच एजेंसियों के सामने कई अहम सवाल हैं। महादेव ऐप से जुड़े कथित करोड़ों रुपये के लेनदेन में किन लोगों की भूमिका थी? सट्टेबाजी नेटवर्क को कथित संरक्षण कौन दे रहा था? प्रोटेक्शन मनी के आरोपों की सच्चाई क्या है? विदेशों में बैठे नेटवर्क के अन्य संचालकों और सहयोगियों की पहचान कैसे होगी? हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए कथित रकम कहां-कहां पहुंचाई गई? फिलहाल महादेव सट्टा मामले में सबकी निगाहें CBI की पूछताछ और न्यायालय की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।

सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी से इस मामले की जांच को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। अब देखना होगा कि पूछताछ में कथित अंतरराष्ट्रीय सट्टा नेटवर्क, आर्थिक लेनदेन और प्रोटेक्शन मनी से जुड़े कितने तथ्य सामने आते हैं। महादेव सट्टा मामले में अब सबसे बड़ा सवाल यही है- क्या सौरभ चंद्राकर की पूछताछ से उस कथित प्रोटेक्शन मनी का पूरा नेटवर्क उजागर होगा, जिसका जिक्र मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया है?