रायपुर (खबरगली ) राजा तालाब स्थित श्री रानी सती मंदिर में 50वां भादों अमावस्या महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। दो दिवसीय महोत्सव के दूसरे दिन 11 सितंबर को सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। दिनभर मंदिर परिसर “जय श्री रानी सती दादी मां की” और “जय दादी की” के जयघोष से गूंजता रहा। महोत्सव के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने परिवार सहित दादी जी के दर्शन, पूजन और आशीर्वाद प्राप्त किया। देर शाम तक मंदिर परिसर में भक्तों की भारी भीड़ बनी रही और पूरा वातावरण भक्तिमय नजर आया।
सुबह से उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
जाट-धोक पूजन कर भक्तों ने मांगी सुख-समृद्धि
सुबह 7 बजे मंदिर के पट खुलते ही श्रद्धालुओं ने दादी जी के दर्शन किए और विधि-विधान से जाट-धोक पूजन किया। भक्तों ने रोली की टिक्की, अक्षत, मेहंदी, मौली, काजल, पुष्प और दक्षिणा अर्पित कर परिवार की सुख-शांति, समृद्धि, अखंड सौभाग्य और बच्चों की उन्नति की कामना की। मंदिर में महिलाओं, पुरुषों, बच्चों और बुजुर्गों की बड़ी संख्या में मौजूदगी रही।
2100 महिलाओं ने किया सामूहिक मंगल पाठ
राजस्थानी परिधान में नजर आया भक्तिमय नजारा
दोपहर 2 बजे समता कॉलोनी निवासी श्रीमती बीना मित्तल के सान्निध्य में सामूहिक मंगल पाठ का आयोजन किया गया। इसमें करीब 2100 महिलाओं ने पारंपरिक राजस्थानी परिधान में लाल-पीली चुनरी धारण कर हिस्सा लिया। पुरुष श्रद्धालु भी पारंपरिक कुर्ता-पायजामा में मंगल पाठ में शामिल हुए। इस दौरान दादी जी के जीवन प्रसंगों को भजनों के माध्यम से जन्म उत्सव, विवाह उत्सव, मुकलावा उत्सव और गजरा उत्सव के रूप में प्रस्तुत किया गया। मंगल पाठ के दौरान पूरा मंदिर परिसर भक्तिरस में डूबा रहा।

पंकज जोशी की भजन संध्या में झूमे श्रद्धालु
भजनों से देर शाम तक गूंजता रहा मंदिर परिसर
मंगल पाठ के बाद शाम 5 बजे कोलकाता के प्रसिद्ध भजन गायक पंकज जोशी की भजन संध्या शुरू हुई। उन्होंने एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। “गजानंद महाराज पधारो कीर्तन में आओ”, “आई झुंझुनू वाली तुम गाओ मंगल गीत”, “लाया थारी चुनरी, करियो मां स्वीकार”, “रानी सती माई आज मेरे घर आई है” और “कैसे करूं मैं दादी का सत्कार” जैसे भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। “मेरा भोला है भंडारी” सहित अन्य भजनों पर श्रद्धालु जमकर झूमे और मंदिर परिसर जयकारों से गूंज उठा।
राज्यपाल रमेन डेका ने सपरिवार किए दादी जी के दर्शन
प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना कर लिया आशीर्वाद
भक्तिमय वातावरण के बीच छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका ने सपरिवार श्री रानी सती मंदिर पहुंचकर दादी जी के दर्शन और पूजन-अर्चन किया। उन्होंने दादी जी का आशीर्वाद प्राप्त करते हुए प्रदेश और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर समिति ने राज्यपाल का आत्मीय स्वागत और अभिनंदन किया। राज्यपाल का सपरिवार मंदिर पहुंचना श्रद्धालुओं के लिए विशेष आनंद और गौरव का क्षण रहा। इस अवसर पर उनके साथ ओएसडी श्री अशोक झुंझुनवाला भी उपस्थित रहे।
56 भोग के बाद हुई महाआरती जयकारों से गूंज उठा श्री रानी सती मंदिर
रात्रि 9:30 बजे मुख्य यजमान द्वारा दादी जी को छप्पन भोग अर्पित किया गया। इसके बाद विधि-विधान से महाआरती संपन्न हुई। महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने एक साथ शामिल होकर दादी जी की आरती की। इस दौरान मंदिर परिसर जयकारों से गूंज उठा। आरती के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया
। 50वां भादों अमावस्या महोत्सव रहा विशेष
मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं और सहयोगियों का जताया आभार
मंदिर समिति के अध्यक्ष श्री किशोर डोलिया ने कहा कि 50वां भादों अमावस्या महोत्सव समिति और श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व का रहा। इस वर्ष पिछले वर्षों की तुलना में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दादी जी के दर्शन और आशीर्वाद के लिए पहुंचे। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी यजमानों, श्रद्धालुओं, भजन कलाकारों, सेवाभावी कार्यकर्ताओं और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
भक्ति और सामाजिक सहभागिता का रहा संगम
रायपुर सहित आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालु
मंदिर समिति के प्रचार-प्रसार प्रभारी कैलाश अग्रवाल ने कहा कि दो दिवसीय भादों अमावस्या महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक सहभागिता का सुंदर संगम रहा। रायपुर सहित आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। उन्होंने कहा कि दादी जी की कृपा और श्रद्धालुओं के सहयोग से 50वां भादों अमावस्या महोत्सव सभी के लिए अविस्मरणीय और आध्यात्मिक रूप से आनंददायक रहा। मंदिर समिति ने महोत्सव में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी श्रद्धालुओं, यजमानों, सेवाभावी कार्यकर्ताओं और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए दादी जी से सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और मंगल की कामना की। जय श्री रानी सती दादी मां की। जय दादी की।
- Log in to post comments
