दुर्ग (खबरगली) दुर्ग जिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की है। ED की टीम ने रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े कारोबारी सजल जैन और विश्वास गुप्ता के घर और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर दबिश देकर जांच शुरू की है। सुबह से चल रही इस कार्रवाई के बाद इलाके में हलचल तेज हो गई है। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों की भी तैनाती की गई है। जानकारी के मुताबिक, ED की टीम सुबह करीब तीन वाहनों में सवार होकर दुर्ग के जैन गली स्थित सजल जैन के निवास पर पहुंची। टीम में 12 से अधिक अधिकारी शामिल बताए जा रहे हैं। अधिकारियों के पहुंचते ही परिसर में आवाजाही सीमित कर दी गई और दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी गई।
घर और व्यावसायिक ठिकानों पर दस्तावेजों की जांच
ED की टीम दोनों कारोबारियों से जुड़े ठिकानों पर जमीन-जायदाद से संबंधित दस्तावेज, वित्तीय लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण कागजात खंगाल रही है। टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कारोबार से जुड़े वित्तीय लेनदेन और संपत्ति संबंधी दस्तावेजों में किसी तरह की अनियमितता तो नहीं है। हालांकि, अभी तक ED की ओर से इस कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इसलिए कार्रवाई के पीछे की वजह और जांच के दायरे को लेकर आधिकारिक तौर पर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
रामगोपाल अग्रवाल से जुड़े मामले में कार्रवाई की कड़ी?
सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल से जुड़े मामले की जांच के दौरान सामने आए इनपुट के आधार पर की जा रही है। जांच के दौरान मिले कुछ दस्तावेजों और जानकारियों के बाद ED ने रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े लोगों के ठिकानों तक अपनी जांच का दायरा बढ़ाया है। इस संबंध में एजेंसी की ओर से अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में कार्रवाई को लेकर सामने आ रही जानकारियां फिलहाल जांच से जुड़े सूत्रों पर आधारित हैं।
वित्तीय लेनदेन और संपत्ति के रिकॉर्ड खंगाल रही टीम
बताया जा रहा है कि ED अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि संबंधित कारोबारियों और अन्य लोगों के बीच किसी तरह का वित्तीय लेनदेन हुआ है या नहीं। इसके अलावा जमीन की खरीद-बिक्री, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और कारोबारी लेनदेन की भी जांच की जा रही है। जांच के दौरान मिले दस्तावेजों और डिजिटल अथवा वित्तीय रिकॉर्ड के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जा सकती है। फिलहाल अधिकारी कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों और रिकॉर्ड की पड़ताल कर रहे हैं।
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