महासमुंद (खबरगली) चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व के बीच छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले से एक हृदयविदारक खबर सामने आई है। प्रसिद्ध खल्लारी माता मंदिर में रविवार सुबह रोपवे (Ropeway) का केबल अचानक टूटने से एक बड़ा हादसा हो गया। इस दुर्घटना में ट्रॉली ट्रॉलियों में सवार गांधी चौक राजा तालाब रायपुर निवासी श्रीमती आयुषी धावड़े की मौत हो गई, जबकि उनके पति ऋषभ धावड़े उनके साथ आई महासमुंद निवासी अनुज उपासे की पुत्री मनस्वी (10 वर्ष) भी घायल हो गई है। बताया जा रहा है कि मृतक आयुषी की शादी 5 माह पूर्व ही हुई थी। इसी ट्रॉली पर सवार स्वामी चौक महासमुंद निवासी गोविंद स्वामी (44 वर्ष), उनकी पत्नी नमिता स्वामी व बेटी कुंशिका स्वामी (10 वर्ष) सवार थीं। इन तीनों को भी गंभीर चोटें आई हैं। रायपुर के 12 और लोग भी घायल हो गए।
200 फीट ऊंचाई से गिरी ट्राली
यह ट्रॉली करीब 150-200 फीट ऊंचाई से पहाड़ी पर गिरी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह ट्रॉली कुछ दूर तक लुढ़कते हुए आई, फिर ठहर गई। इसी समय नीचे से ऊपर जाने वाली ट्रॉली तेजी से नीचे आकर प्लेटफार्म से टकरा गई। पुलिस ने मां खल्लारी देवी ट्रस्ट की रिपोर्ट पर रोपवे संचालन कंपनी रोपवे एवं रिसॉर्ट प्राइवेट लिमिटेड कोलकाता तथा स्थानीय कर्मचारी बीरबल जंघेल और रामेश्वर यादव के विरूद्ध बीएनएस की धारा 173 के अंतर्गत सेक्टर-289 एवं 125 (ए) के तहत प्रकरण कायम किया है। बताते चलें कि डोंगरगढ़ में भी रोपवे ट्रॉली गिरने के हो चुके हैं दो हादसे हो चुके हैं।
कैसे हुआ हादसा?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा रविवार सुबह उस वक्त हुआ जब मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी हुई थी। करीब 1600 फीट ऊंची पहाड़ी पर स्थित माता के दर्शन के लिए श्रद्धालु रोपवे का उपयोग कर रहे थे। अचानक रोपवे का मुख्य केबल टूट गया, जिससे ट्रॉली तेज झटके के साथ नीचे की ओर आ गई और असंतुलित होकर टकरा गई। केबल टूटते ही पूरे मंदिर परिसर में अफरातफरी और चीख-पुकार मच गई।
राहत और बचाव कार्य
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। घायलों को तुरंत रेस्क्यू कर जिला अस्पताल महासमुंद भेजा गया है, जहां उनका इलाज जारी है। प्रशासन ने घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं और रोपवे सेवा को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है। स्थानीय लोगों ने रोपवे की देखरेख को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि लंबे समय से नियमित जांच नहीं हो रही थी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रशासन ने हादसे की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं। शुरुआती तौर पर तकनीकी खराबी को कारण माना जा रहा है। अधिकारियों ने कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल रोपवे संचालक कंपनी व दो स्थानीय कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
सुरक्षा व्यवस्था पर खड़े हुए गंभीर सवाल
खल्लारी माता मंदिर छत्तीसगढ़ का एक प्रमुख धार्मिक केंद्र है, जहाँ नवरात्रि के दौरान हजारों की संख्या में भक्त पहुँचते हैं। इतनी ऊंचाई पर संचालित होने वाले रोपवे के रखरखाव और सुरक्षा मानकों को लेकर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं:
1. क्या नवरात्रि से पहले रोपवे की तकनीकी जांच (Fitness Audit) की गई थी?
2. क्षमता से अधिक भार या तकनीकी खराबी, हादसे की मुख्य वजह क्या है?
इस घटना ने श्रद्धालुओं के बीच दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। प्रशासन अब यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि बाकी फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकाला जाए और भविष्य में ऐसी चूक न हो।
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