UPSC 2025: छत्तीसगढ़ के युवाओं का दबदबा; रायपुर की वैभवी ने लहराया परचम, प्रदेश के 5 होनहारों ने पाई सफलता

UPSC 2025: Chhattisgarh youth dominate; Raipur's Vaibhavi hoists the flag, 5 promising students from the state achieve success, Union Public Service Commission, Khabargali

रायपुर (खबरगली ) संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा शुक्रवार, 6 मार्च 2026 को सिविल सेवा परीक्षा 2025 के अंतिम परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। इस प्रतिष्ठित परीक्षा में छत्तीसगढ़ के कम से कम पांच युवाओं ने शानदार रैंक हासिल कर प्रदेश का मान बढ़ाया है।

सफलता के प्रमुख सितारे

वैभवी अग्रवाल (रायपुर): इन्होंने पूरे देश में 35वीं रैंक हासिल कर छत्तीसगढ़ में टॉप किया है।

दर्शना सिंह (मनेंद्रगढ़): एक किसान की बेटी दर्शना ने 383वीं रैंक प्राप्त की है और उनका चयन IPS के लिए हुआ है।

डायमंड सिंह ध्रुव (धमतरी): वर्तमान में छत्तीसगढ़ पुलिस में DSP के पद पर कार्यरत डायमंड ने सेवा में रहते हुए 283वीं रैंक (कुछ रिपोर्टों में 623वीं) हासिल की है।

रौनक अग्रवाल (रायपुर): इन्होंने अखिल भारतीय स्तर पर 772वीं रैंक प्राप्त की है।

संजय डहरिया: इन्होंने भी मेरिट सूची में जगह बनाते हुए 946वीं रैंक हासिल की है।

परीक्षा के मुख्य बिंदु: देशव्यापी टॉपर: इस वर्ष अनुज अग्निहोत्री ने ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल की है।

चयनित उम्मीदवार: आयोग ने विभिन्न प्रशासनिक सेवाओं (IAS, IPS, IFS आदि) के लिए कुल 958 उम्मीदवारों की सिफारिश की है।

मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने सफल अभ्यर्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए बधाई दी है।

बचपन से सपना समाज सेवा का :वैभवी अग्रवाल

UPSC 2025: Chhattisgarh youth dominate; Raipur's Vaibhavi hoists the flag, 5 promising students from the state achieve success, Union Public Service Commission, Khabargali

रायपुर के गुढ़ियारी की रहने वाली वैभवी अग्रवाल ने ऑल इंडिया 35वीं रैंक हासिल की है। खास बात यह है कि यह उनका तीसरा प्रयास था। पहले दो प्रयासों में असफलता मिली, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और आखिरकार सफलता हासिल कर ली। रिजल्ट आने के बाद वैभवी अपने परिवार के साथ मंदिर दर्शन करने पहुंचीं। उन्होंने कहा कि बचपन से उनका सपना समाज सेवा करना था। गौरतलब है कि वैभवी अग्रवाल ने अपने इंटरव्यू में छत्तीसगढ़ी ट्राइबल आर्ट वाली साड़ी पहनकर और उससे संबंधित सवालों के जवाब देकर सभी का ध्यान आकर्षित किया था।

किसान की बेटी ने दूसरे प्रयास से पाई सफलता

मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के जनकपुर की दर्शना सिंह बघेल ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 383वीं रैंक हासिल की है। दर्शना ने आईआईटी कानपुर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। पिछले साल उन्होंने प्री और मेंस निकाल लिया था, लेकिन इंटरव्यू में चयन नहीं हो पाया था। दूसरे प्रयास में उन्होंने सफलता हासिल कर ली। उनके पिता किसान हैं और मां जनकपुर नगर पंचायत की पार्षद हैं।

नौकरी के साथ-साथ की यूपीएससी की तैयारी

धमतरी जिले के ग्राम परसवानी के रहने वाले डीएसपी डायमंड सिंह ध्रुव ने भी UPSC में 623वीं रैंक हासिल की है। वे छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस सेवा के 2024 बैच के अधिकारी हैं। नौकरी के साथ-साथ उन्होंने लगातार यूपीएससी की तैयारी जारी रखी और अब इस परीक्षा में सफलता हासिल की है। माना जा रहा है कि इस रैंक के आधार पर उनका चयन आईपीएस के लिए हो सकता है।

तीसरे प्रयास के बाद मिली सफलता

खरसिया के मूलत: रहने वाले रौनक अग्रवाल रायपुर के लोधीपारा में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी का यह उनका तीसरा प्रयास था। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा रायगढ़ के छाल में पूरी करने के बाद आईआईटी कानपुर से भौतिकी में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की। वे वर्तमान मेंं कर्मचारी भविष्य निधि संगठन में लेखाधिकारी पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, परिवार व मित्रों को दिया है।

कैंसर जैसी गंभीर बीमारी भी नहीँ बनी रूकावट 

बेलटुकरी(महासमुंद) के संजय डहरिया बैंक की नौकरी छोड़कर यूपीएससी परीक्षा की तैयारी में जुटे रहे। तीसरे प्रयास में यूपीएससी में उनका चयन हुआ है। उनके पिता कृषक व माता गृहिणी हैं। उन्होंने प्राथमिक शिक्षा गांव और 6-12वीं तक नवोदय विद्यालय माना व स्नातक की पढ़ाई महासमुंद कॉलेज से पूरी की। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझने के बाद उन्होंने कड़ी मेहनत की और यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में वे चयनित हुए।

 

Category