पूर्व विधायक बोले- जनता अब वादों की हकीकत समझ चुकी, मंत्री अपनी उपलब्धियां खुद गिनाने को मजबूर
रायपुर (खबरगली ) राजनीतिक गलियारों में बयानों के तीर अक्सर चलते रहते हैं, लेकिन जब कोई प्रमुख नेता तीखे अंदाज में सरकार को घेरे, तो वह खबर की सुर्खियों में छा जाता है। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने राज्य सरकार पर बड़ा और तीखा हमला बोला है। उन्होंने अपने एक ताजा बयान में वर्तमान सरकार के कार्यकाल और कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कई बड़े आरोप लगाए हैं।
"धरातल पर कुछ नहीं, सिर्फ झूठे वादों का अंबार" विकास उपाध्याय का सरकार से सीधा सवाल
कांग्रेस के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने कहा है कि पिछले ढाई साल के कार्यकाल में धरातल पर कोई भी काम नजर नहीं आ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले बड़े-बड़े वादे और संकल्प लिए गए थे, घर-घर जाकर गारंटी दी गई थी, लेकिन वे सभी वादे झूठे साबित हो चुके हैं। जनता अब इन तमाम बातों की सच्चाई भली-भांति समझ चुकी है।
मंत्रियों और विभागों पर निष्क्रियता का आरोप
अपने बयान में आगे बोलते हुए उन्होंने कहा कि राज्य का कोई भी मंत्री अपने विभाग को संभाल पाने में सक्षम नहीं है। मंत्रियों को अपने महकमों की बुनियादी समझ तक नहीं है। स्थिति यह हो गई है कि सरकार का पूरा ध्यान सिर्फ भ्रष्टाचार करने और हर काम में कमीशन सेट करने पर केंद्रित हो चुका है। मंत्रियों के ये कथित रूप से 'पुत्री कार्यक्रम' जैसे हथकंडे अब जनता के सामने बेनकाब हो चुके हैं।
जनता के गुस्से का सामना कर रहे हैं जनप्रतिनिधि, विधायकों की ग्राउंड रिपोर्ट पर बड़ा दावा
विकास उपाध्याय ने दावा किया है कि मौजूदा सरकार के विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में जाने से कतरा रहे हैं। ज़मीनी हकीकत यह है कि जब सत्ताधारी दल के नेता जनता के बीच जा रहे हैं, तो आम जनता उन्हें सीधे तौर पर घेर रही है। जनता के तीखे सवालों का सामना करना इन जनप्रतिनिधियों के लिए मुश्किल होता जा रहा है, क्योंकि चुनाव के दौरान किए गए वादे कागजी साबित हुए हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी पीठ थपथपा रहे हैं मंत्री
पूर्व विधायक ने तंज कसते हुए कहा कि यदि सरकार और उसके मंत्री वास्तव में अच्छा काम कर रहे होते, तो जनता खुद उनके कामों की तारीफ करती। लेकिन हो इसके विपरीत रहा है—मंत्रियों को अपनी उपलब्धियां गिनाने के लिए बार-बार प्रेस कॉन्फ्रेंस का सहारा लेना पड़ रहा है। जनता को यह अच्छी तरह पता है कि ज़मीनी स्तर पर राहत देने वाला कोई भी कार्य धरातल पर नहीं उतरा है।
सियासी पारे में उबाल और आगामी राजनीति क्या कहती है राजनीतिक हलचल?
छत्तीसगढ़ की राजनीति में विकास उपाध्याय का यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्ष लगातार सरकार को घेरने की रणनीति पर काम कर रहा है। भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी जैसे गंभीर मुद्दों को उठाकर कांग्रेस ने सत्तापक्ष पर दबाव बनाने की कोशिश तेज कर दी है। आने वाले दिनों में इन तीखे बयानों से राजनीतिक तापमान और अधिक बढ़ने के पूरे आसार हैं।
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