एक पढ़ेलिखे युवा महंत सौरभ शर्मा की कहानी

एक पढ़े लिखे युवा महंत सौरभ शर्मा की कहानी

रायपुर (खबरगली ) इतिहास गवाह है कि जब-जब कोई युवा सत्य के पक्ष में खड़ा हुआ है, तब-तब सत्ता ने उसे रोकने का प्रयास किया है। परंतु सत्य का एक अद्भुत गुण है—उसे दबाया जा सकता है, पराजित नहीं किया जा सकता। कल्पना कीजिए एक ऐसे युवक की, जिसकी आयु मात्र 24 वर्ष थी। उसके सामने सुरक्षित भविष्य के अनेक द्वार खुले थे। वह सिविल सेवा की तैयारी कर रहा था। वह आरामदायक जीवन चुन सकता था। परंतु उसने एक कठिन मार्ग चुना—सत्य का मार्ग। उसने समाज के सामने उन प्रश्नों को उठाने का साहस किया, जिन्हें उठाने से बड़े-बड़े लोग डरते