रोजगार

मानसी चंद्राकर का अलर्ट करता हुआ आलेख

ख़बरगली (साहित्य डेस्क) आज कल हर किसी को काम करना है बारहवीं पास करके बच्चे भी कुछ न कुछ जॉब की तलाशी करते हैं। ताकि घर में बैठने से अच्छा कुछ न कुछ करते रहें और साथ में पढ़ाई भी हो ताकि खुद के खर्चे उठा सकें। सोच अच्छी भी है कि खुद के खर्चे खुद उठाए कम से कम बड़े होने के बाद अपने छोटे-छोटे आवश्यकता के लिए परिवारजनों से न लेना पड़े उन्हें परेशान होना न पड़े। पर जिस तरह सभी को जॉब चाहिए उसी तरह अब कॉम्पटीशन की दुनिया में जॉब मिलना बहुत ही मुश्किल सा हो गया है। जो पूरी तरह अपने काम के लिए परफेक्ट