नयी दिल्ली (खबरगली )देश की सबसे बड़ी परीक्षा एजेंसी यानी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में इस वक्त बहुत बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। नीट पेपर लीक विवाद और लगातार उठते सवालों के बाद केंद्र सरकार ने NTA पर बड़ा एक्शन लेते हुए 47 अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। यही नहीं, इनमें से कई अफसरों पर आपराधिक और कानूनी कार्रवाई की तैयारी भी कर ली गई है। उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी के तबादले के तुरंत बाद हुए इस 'महा-एक्शन' ने साफ कर दिया है कि सरकार अब परीक्षा प्रणाली में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।
आउटसोर्सिंग का खेल खत्म: NTA में आ रहे 4 नए 'सुपर GM'
NTA में अब तक चल रही पुरानी और ढीली-ढाली आउटसोर्सिंग व्यवस्था को पूरी तरह से खत्म किया जा रहा है। अब एजेंसी में विशेषज्ञ अधिकारियों की सीधी भर्ती होगी।
किन विभागों की कमान संभालेंगे ये नए General Managers?
एजेंसी के कामकाज को पारदर्शी और फुलप्रूफ बनाने के लिए 4 नए जनरल मैनेजर (GM) नियुक्त किए जा रहे हैं। इन अधिकारियों को निम्नलिखित मुख्य जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी:
परीक्षा संचालन और सुरक्षा (Exam Operations & Security): पेपर लीक जैसी घटनाओं को शून्य स्तर पर लाना।
तकनीक एवं डिजिटल मूल्यांकन (Tech & Evaluation): सीबीएसई और अन्य डिजिटल जांच प्रणालियों में होने वाली गड़बड़ियों को रोकना।
प्रशासन एवं जन शिकायत: छात्रों की शिकायतों का तुरंत निपटारा करना। गोपनीयता प्रबंधन: प्रश्नपत्रों की छपाई से लेकर परीक्षा केंद्रों तक डिलीवरी को पूरी तरह से सुरक्षित बनाना। UPSC 'प्रतिभा सेतु' से भर्ती होंगे
16 यंग प्रोफेशनल्स: जानिए क्या होगा इनका रोल
NTA को हाई-टेक और प्रोफेशनल टच देने के लिए युवाओं को मैदान में उतारा जा रहा है। सरकार UPSC प्रतिभा सेतु पोर्टल के जरिए 16 यंग प्रोफेशनल्स को सीधे एजेंसी में शामिल कर रही है। यंग प्रोफेशनल्स की प्रमुख तैनातियां:
अकादमिक विभाग (Academic Unit): प्रश्नपत्रों की गुणवत्ता और सिलेबस से जुड़े सुधार।
लीगल यूनिट (Legal Unit): कोर्ट के मामलों और पेपर लीक से जुड़े कानूनी दांव-पेचों को मजबूत करना।
फाइनेंस यूनिट (Finance Unit): पारदर्शी बजट और वेंडर्स के सही चुनाव की देखरेख।
NTA प्रबंधन के मुताबिक, आने वाले कुछ ही हफ्तों में कई और पदों पर नई नियुक्तियों का विज्ञापन निकाला जाएगा ताकि स्टाफ की कमी को दूर किया जा सके।
प्रो. के. राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों पर हो रहा 'महा-पुनर्गठन'
यह पूरा फेरबदल और 47 अफसरों पर गिरी गाज प्रो. के. राधाकृष्णन समिति की अंतरिम सिफारिशों के आधार पर किया जा रहा है। NEET, JEE और CUET जैसी 15 से 20 बड़ी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं कराने वाली एजेंसी में अब कोई भी लूज-एंड नहीं छोड़ा जाएगा।
पेपर लीक करने वालों की खैर नहीं! संसद में आ रहा है नया 'कड़ा कानून'
लाखों छात्रों और अभिभावकों के गुस्से को देखते हुए खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सख्त संदेश दिया था। पीएम मोदी ने अपने वीडियो संदेश में स्पष्ट किया था कि "पेपर लीक करने वालों के खिलाफ हम जल्द ही कठोर कानून ला रहे हैं।" अगले 30 दिनों में लागू होगी नई फुलप्रूफ व्यवस्था:
कैबिनेट की मंजूरी: पेपर लीक विरोधी नए कानून के ड्राफ्ट पर कैबिनेट में चर्चा पूरी हो चुकी है।
संसद में पेशी: इसे जल्द ही संसद के पटल पर रखा जाएगा, जिसमें कड़ी सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान होगा।
30 दिन में NTA का नया रूप: अगले एक महीने के भीतर NTA का पूरा पुनर्गठन (Restructuring) पूरा हो जाएगा। NEET और JEE जैसी परीक्षाओं की साख को दोबारा बहाल करने के लिए NTA की यह सर्जिकल स्ट्राइक एक बड़ी शुरुआत मानी जा रही है। 47 अफसरों की छुट्टी, नए GMs की एंट्री और सख्त कानून के कॉम्बिनेशन से यह उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में देश के छात्रों को पारदर्शी और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली मिलेगी।
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